इन्दिरा गाँधी शासकीय महाविद्यालय

हिन्दी विभाग

          भारत के उत्तर पूर्वी दिशा में बसा हुआ राज्य अरुणाचल प्रदेश, जिसे ‘उगते सूर्य की भूमि’ भी कहा जाता है। यहाँ स्नातकोत्तर और मास्टर डिग्री की शिक्षा हेतु कई महाविद्यालय हैं जो राजीव गाँधी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं। इन्हीं में से राज्य के उत्तर पूर्वी दिशा में स्थित ‘इन्दिरा गाँधी शासकीय महाविद्यालय, तेजू’ का नाम  भी शामिल है जो राज्य का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी महाविद्यालय और द्वितीय स्थान पर सबसे पुराना महाविद्यालय है। इन्दिरा गाँधी शासकीय महाविद्यालय, तेजू की स्थापना 2 अक्टूबर, सन् 1986 में हुई थी। उस समय से लेकर वर्तमान तक राज्य के पूर्वी क्षेत्र के सम्पूर्ण शैक्षिक विकास में इस महाविद्यालय का महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान रहा है। सन् 1986 में यहाँ केवल 8 शिक्षक और 42 विद्यार्थी के साथ कला संकाय के पाँच विभागों के साथ इसकी नींव रखी गई थी। इन्दिरा गाँधी शासकीय महाविद्यालय सदैव ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के साथ – साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व – निर्माण एवं आदर्श समाज के निर्माण में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया हैं। उच्च शिक्षा के केंद्र में इन्दिरा गाँधी शासकीय महाविद्यालय का मुख्य उद्देश्य भविष्य में महत्वपूर्ण शैक्षिक केंद्र के रूप में स्थापित होना है। 200 एकड़ की जमीन में फैला महाविद्यालय अपने इन 38 वर्षों के भीतर उत्तम शैक्षिक उन्नति प्राप्त कर लिए हैं और समय के साथ – साथ विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि भी आई। लगभग हर साल यहाँ 2000 से अधिक बच्चे दाखिला लेते हैं। वर्तमान में यहाँ शिक्षा की तीन धाराएँ हैं जिनमें विज्ञान, कला और वाणिज्य हैं। इसी के अंतर्गत बच्चे स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं।

          महाविद्यालय में हिन्दी विभाग की स्थापना सन् 1986 से ही प्रारम्भ हो गए थे। प्रारम्भिक दौर में हालांकि महाविद्यालय सहित समस्त गुरुजनों और विद्यार्थियों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। समय के साथ – साथ उसमें भी सुधार आने लगे। वार्षिक शिक्षा प्रणाली से प्रारम्भ होते हुए वर्तमान में सेमेस्टर शिक्षा प्रणाली चल रही है। सेमेस्टर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत यहाँ CBCS और NEP की पाठ्यक्रम चल रही हैं। हिन्दी के विद्यार्थियाँ हर साल अव्वल अंकों में उत्तीर्ण कर रहें हैं। कई विद्यार्थियाँ स्नातकोत्तर की डिग्री में ‘स्वर्ण पदक’ भी हासिल किए हैं जिनमें सुश्री. लकीलु यून सन् 2016 में, सुश्री मीना राय सन् 2018 में, सुश्री दीपिका पुन सन् 2019 में और सुश्री चोनया मेसिया सन् 2022 में स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अलावा हिन्दी के विद्यार्थियाँ राजीव गाँधी विश्वविद्यालय के टॉप टेन रंक में भी अपना विशेष स्थान प्राप्त किए हैं। इस तरह से हिन्दी के शैक्षणिक स्तर को देखा जाए तो यह बहुत ही उत्तम है। वर्तमान में यहाँ विभागाध्यक्ष के रूप में श्रीमती भारती आपुम, सहायक प्रोफेसर अपना कार्यभार संभाल रही है। इनके साथ हिन्दी विभाग के अन्य सहकर्मियों में डॉ. पद्मावती ओंगोंग, सहायक प्रोफेसर, श्रीमती आपी लंकाम, सहायक प्रोफेसर, सुश्री रेबोम बेलो, अतिथि संकाय, श्री डिवीजो मिसो, अतिथि संकाय अपने विधिवत विभिन्न कक्षाएँ लेने के अलावा विभाग के विभिन्न गतिविधियों में अपना सहयोग दे रहे हैं। विभाग द्वारा समय – समय पर  विभागीय संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ हैं जिनमें हिन्दी के कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर संगोष्ठी आयोजित किए गए। इसके अलावा विभाग द्वारा अन्य गतिविधियों का आयोजन भी कराया गया हैं जिनमें साहित्यिक गतिविधियों के अलावा ‘हिन्दी दिवस’ और  ‘विश्व कविता दिवस’ हर साल परम्परागत रूप से आयोजन किए हैं।

         इस तरह से हिन्दी विभाग की हर कोशिश महाविद्यालय के नाम को रोशन करने से जुड़ा हुआ हैं। शिक्षकगण अपने बच्चों को पढ़ाई के अलावा उन्हें भव्य समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षित बच्चे ही भविष्य का निर्माता भी बनेंगे और अगर सभी शिक्षित होंगे तो संभवतः उज्ज्वल भविष्य की कामना हम निसंदेह ही कर सकेंगे। 

   

Assistant Professors

   Guest Faculty